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ToggleDr. Rohit Madhav Sane (Founder, Madhavbaug) बताते हैं—
आज जब lifestyle diseases बढ़ रही हैं, तब best time to eat dinner को समझना उतना ही ज़रूरी हो गया है जितना सही खाना।
मैंने पिछले 20 वर्षों में हज़ारों मरीज़ों को देखा है। और एक बात मुझे हर केस में कॉमन मिली , बीमारी शरीर में नहीं… घड़ी में शुरू होती है। लोग पूछते हैं “डॉक्टर, हम क्या खाएं?”
मैं पूछता हूँ “आप कब खाते हैं?” और यहीं से सच्चाई बाहर आती है।
Best Time to Eat Dinner कोई सुझाव नहीं — इलाज है
मैं यह बात पूरे विश्वास से कहता हूँ , रात का खाना सूर्यास्त के 2–3 घंटे के अंदर खत्म हो जाना चाहिए। भारत में इसका मतलब है 7:00 से 8:30 बजे के बीच। इसके बाद खाया गया खाना शरीर के लिए “भोजन” नहीं धीमा ज़हर बन जाता है।
रात के बाद शरीर खाना नही, चर्बी बनाता है
दिन ढलते ही हमारा मेटाबॉलिज़्म fat burning mode में चला जाता है। अगर इस समय आप खाना डालते हैं तो शरीर कहता है “मैं इसे जला नहीं सकता तो मैं इसे जमा कर लेता हूँ।” यही जमा हुआ खाना
• पेट की चर्बी
• फैटी लिवर
• हाई शुगर
• ब्लॉकेज
और अंत में हार्ट अटैक बन जाता है।
Type 2 Diabetes वालों के लिए लेट खाना खाने की आदत मौत की धीमी तैयारी है|
डायबिटीज़ में शरीर पहले से ही इंसुलिन की बात नहीं मानता। देर रात का डिनर. Type 2 diabetes में best time to eat dinner बिगड़ने से fasting sugar सबसे पहले प्रभावित होती है।
- पूरी रात शुगर को ऊँचा रखता है
- सुबह की fasting sugar बिगाड़ देता है
- दवाइयों का असर कम करता है
- और बीमारी को आगे बढ़ाता है
इसीलिए हर आधुनिक Type 2 diabetes treatment और
हर आयुर्वेदिक प्रोटोकॉल Ayurvedic treatment for diabetes की पहली शर्त है डिनर टाइम सुधरना।
आयुर्वेद क्या कहता है?
आयुर्वेद के अनुसार—
सूर्यास्त के बाद शरीर की पाचन अग्नि कमजोर होने लगती है।
देर से खाया गया भोजन
= अधपचा भोजन
= आम (toxins)
और यही आम आगे चलकर बनता है—
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डायबिटीज़
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हाई ब्लड प्रेशर
-
फैटी लिवर
-
हार्ट ब्लॉकेज
आपके शरीर की चुप चेतावनियाँ
अगर आपको—
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सुबह पेट भारी लगता है
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शुगर कंट्रोल में नहीं रहती
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नींद पूरी नहीं होती
-
वजन कम नहीं हो रहा
-
जल्दी थकान होती है
तो यह उम्र का नहीं,
गलत best time to eat dinner का असर हो सकता है।
“सिर्फ डिनर का टाइम बदला और शरीर heal होने लगा”
जब कोई व्यक्ति नियमित रूप से
7 से 8:30 बजे के बीच डिनर करने लगता है,
तो शरीर में बदलाव किसी दवा से कम नहीं होते।
-
सुबह पेट हल्का महसूस होता है
-
गैस और भारीपन कम होता है
-
fasting sugar धीरे-धीरे नीचे आती है
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पेट की चर्बी घटने लगती है
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नींद गहरी और शांत होती है
-
हाई BP और हार्ट रिस्क कम होने लगता है
यानी सिर्फ खाने का समय बदलकर
शरीर अपने-आप सुधार की दिशा में चल पड़ता है।
“ये लोग अगर 8 बजे से पहले नहीं खाए — तो खतरा बढ़ता जाता है”
ये डिनर टाइम हर किसी के लिए फायदेमंद है, लेकिन कुछ लोगों के लिए यह नियम इलाज से भी ज़्यादा ज़रूरी है।
अगर आप नीचे दिए गए किसी भी ग्रुप में आते हैं, तो आपको 7 से 8:30 बजे के बीच डिनर करना ही चाहिए:
- जिनकी शुगर बार-बार बढ़ती रहती है या Type 2 Diabetes है
- जिनका पेट बढ़ रहा है और वजन कम नहीं हो रहा
- जिनको फैटी लिवर बताया गया है
- जिनका BP ज्यादा रहता है
- जिनके घर में किसी को हार्ट अटैक / हार्ट ब्लॉकेज हुआ हो
- जो रात को देर से सोते और देर से खाते हैं
- जिन्हें सुबह उठते ही पेट भारी, गैस या एसिडिटी रहती है
- जो थकान, सुस्ती और नींद की कमी से परेशान रहते हैं
- 35 साल से ऊपर के वो लोग जिनका मेटाबॉलिज़्म स्लो होने लगा है
इन लोगों के लिए सही डिनर टाइम कोई आदत नहीं —
यह दिल, लिवर और शुगर की सुरक्षा का कवच है।
डिनर में क्या होना चाहिए?
✔ सब्ज़ी
✔ दाल / सूप
✔ खिचड़ी
✔ 1–2 रोटी
✔ सलाद
❌ पराठा, चावल, मिठाई, फास्ट फूड रात के दुश्मन हैं।
डिनर के बाद क्या करें?
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10–15 मिनट हल्की वॉक
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2 घंटे बाद सोएं
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मोबाइल का कम इस्तेमाल
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बहुत ज़्यादा पानी न पिएं
आख़िरी बात — एक संस्थापक की सीधी अपील
मैं यह लेख इसलिए नहीं लिख रहा कि आप सिर्फ पढ़ें। मैं इसलिए लिख रहा हूँ कि आप आज से अपनी घड़ी बदलें। क्योंकि बीमारी दवा से नहीं… आदत से आती है। और आदत से ही जाती है। अगर आज आपने 8 बजे खाना शुरू कर दिया तो आपका दिल, आपका लिवर और आपकी शुगरतीनों आपको आने वाले सालों तक धन्यवाद देंगे।
एक लेखक की आम लोगों से अपील
आज यह बात सिर्फ डॉक्टर नहीं कह रहे , हकीकत यही दिखा रही है।
हम रोज़ ऐसे लोगों से मिलते हैं जिन्हें लगता है “मुझे तो कुछ नहीं है…
बस थोड़ा BP, थोड़ी शुगर, थोड़ा पेट।” पर वही “थोड़ा-थोड़ा” कुछ सालों में हार्ट अटैक, किडनी फेल और जिंदगी के बड़े नुक़सान में बदल जाता है। और इसकी शुरुआत होती है आपकी थाली से नहीं… आपकी घड़ी से। इसलिए आज की ये अपील किसी कंपनी,
किसी दवा या किसी ब्रांड की नहीं है।
ये अपील है आपकी आने वाली ज़िंदगी की तरफ़ से —
- आज से 8 बजे तक खाना खाइए
- पेट को नहीं, शरीर को आराम दीजिए
- और अपनी आने वाली 10–15 साल की सेहत बचाइए
क्योंकि बीमारी अचानक नहीं आती… वो रोज़ की आदतों से बनती है।
अगर आप आज से best time to eat dinner अपनाते हैं, तो यह आपकी सेहत की दिशा बदल सकता है।

