“जब साँसें साथ छोड़ने लगी थीं… तब लगा था अब शायद सब रुक जाएगा।”
नागपुर की 66 वर्षीय श्रीमती राधा खानजोड़े की ज़िंदगी अचानक तब बदल गई जब उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी और डॉक्टरों ने एंजियोप्लास्टी की सलाह दी। रोज़मर्रा के आसान काम भी मुश्किल होने लगे, जिससे परिवार की चिंता बढ़ गई। लेकिन Ayurveda gave me a new life at 66 after angioplasty — यह उनकी अपनी जुबानी कहानी है, जो दिखाती है कि सही समय पर सही मार्गदर्शन जीवन की दिशा बदल सकता है।
नागपुर की 66 वर्षीय राधा खानजोड़े को अचानक सांस लेने में गंभीर परेशानी हुई और एंजियोप्लास्टी की सलाह दी गई। उनका अनुभव बताता है — Ayurveda gave me a new life at 66 after angioplasty. यह उनकी रिकवरी की प्रेरणादायक सच्ची कहानी है।
मरीज की प्रोफाइल
| नाम | श्रीमती राधा खानजोड़े |
| उम्र | 66 वर्ष |
| निवास | नागपुर |
| पेशा | गृहिणी |
| मुख्य लक्षण | साँस लेने में तकलीफ़ |
| एंजियोग्राफी रिपोर्ट | 2–3 ब्लॉकेज |
| पहले की सलाह | एंजियोप्लास्टी |
| उपचार केंद्र | माधवबाग, कोंढाली हॉस्पिटल |
| चिकित्सक | डॉ. गौरव शेलके |
| पद | रेसिडेंशियल मेडिकल ऑफिसर |
| योग्यता | B.A.M.S. |
| अनुभव | 12+ वर्ष |
अचानक बिगड़ी हालत और एंजियोप्लास्टी की सलाह
जब साँस की तकलीफ़ बढ़ी तो उनके दामाद उन्हें नागपुर के अस्पताल ले गए। जाँच के बाद डॉक्टरों ने एंजियोग्राफी की और बताया कि दिल की धमनियों में दो-तीन ब्लॉकेज हैं। डॉक्टरों ने एंजियोप्लास्टी की सलाह दी। यह सुनकर परिवार चिंतित हो गया। उम्र भी बढ़ चुकी थी और मन में डर बैठ गया था।
एक साल बाद फिर से बढ़ी परेशानी
करीब एक साल पहले उनकी तबीयत फिर से बिगड़ने लगी। कमजोरी बढ़ गई थी, वजन कम हो गया था और मन में डर भी बैठ गया था। इसी दौरान एक रिश्तेदार ने उन्हें heart blockage treatment without surgery के बारे में बताया। उन्होंने बिना देर किए वहाँ जाने का फैसला किया।
छह दिनों में महसूस हुआ बदलाव
माधवबाग में उपचार शुरू हुआ और राधा जी बताती हैं कि Ayurveda gave me a new life — यह बात उन्हें कुछ ही दिनों में महसूस होने लगी। पहले वे बहुत कमजोर महसूस करती थीं, लेकिन धीरे-धीरे शरीर में ताक़त लौटने लगी और मन का डर भी कम होने लगा।
मेडिकल सुधार — रिपोर्ट में साफ बदलाव
जब उन्होंने यहाँ टीएमटी टेस्ट कराया था, तब वे सिर्फ 9 मिनट ही चल पाई थीं और उनका VO2 मैक्स 15 था। इलाज के बाद:
- VO2 मैक्स बढ़कर 35 हो गया
- शुगर लेवल जो पहले 160–180 रहता था, अब लगभग 100 के आसपास रहने लगा
- बीपी की एलोपैथिक गोलियाँ बंद हो गईं
- यहाँ की दवाइयाँ भी काफी कम कर दी गईं
Before – After (Short Comparative Table)
| पैरामीटर | पहले | बाद में |
|---|---|---|
| साँस | तकलीफ़ | सामान्य |
| चलने की क्षमता | 9 मिनट | बेहतर सहनशक्ति |
| VO2 मैक्स | 15 | 35 |
| शुगर लेवल | 160–180 | लगभग 100 |
| बीपी दवा | चालू | बंद |
| शारीरिक ताकत | कमजोरी | ऊर्जा और स्थिरता |
आज की स्थिति — आत्मविश्वास और संतोष
आज राधा जी कहती हैं — “अब मैं खुद को 100% स्वस्थ महसूस करती हूँ।” जो डर पहले दिल में था, वह अब विश्वास में बदल चुका है। परिवार के चेहरे पर भी अब चिंता नहीं, बल्कि संतोष दिखाई देता है।
चिकित्सकीय देखरेख
यह पूरा उपचार डॉ. गौरव शेलके (B.A.M.S., 12+ वर्ष अनुभव), रेसिडेंशियल मेडिकल ऑफिसर, माधवबाग, कोंडली हॉस्पिटल के मार्गदर्शन में किया गया। नियमित मॉनिटरिंग और जीवनशैली सुधार ने रिकवरी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मरीज का संदेश
“अगर समय रहते सही जगह पहुँच जाएँ, तो उम्र कभी भी रुकावट नहीं बनती।”
निष्कर्ष
राधा खानजोड़े की यह कहानी सिर्फ एक इलाज की नहीं, बल्कि उस भरोसे की कहानी है जो सही मार्गदर्शन मिलने पर फिर से जीवन में ऊर्जा भर देता है। जब साँसें भारी हो गई थीं, तब लगा था सब बदल जाएगा, लेकिन आज वे मुस्कुराते हुए कहती हैं — “Ayurveda gave me a new life.”
Clinic Details
Treatment is given at the Madhavbaug Kondhali Hospital. This is a top Ayurvedic cardiac care center. It is known for managing heart blockages without surgery. The clinic also offers research-based lifestyle therapies.
Looking to visit us in person?
📍 Madhavbaug Kondhali Nagpur | Cardiac Care Ayurvedic Hospital & Panchakarma Centre on Google Maps and plan your visit with ease.
यदि आप एंबरनाथ के बाहर हैं, तो भी नज़दीकी क्लिनिक में अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं।
🔎 Find a Madhavbaug Clinic Locator Near You and begin your heart-health recovery journey naturally with expert-guided Ayurvedic cardiac care.
Nationally Honoured & Media-Featured Leader in Heart Blockage Care
Madhavbaug has earned national recognition for its contributions to non-surgical cardiac care and lifestyle-based disease reversal. The organization has been featured across major media for its clinical research and high-impact public health initiatives.
In 2018, Madhavbaug reached a big milestone in the India Book of Records. They conducted 661 live GTT assessments in a single day across many clinics. Major news platforms reported this achievement.
In 2023, Madhavbaug further strengthened its clinical authority by training 65 government medical officers in Uttarakhand on evidence-based, Ayurveda-integrated disease reversal protocols.
Madhavbaug has received over 200 awards. These awards are for excellence in healthcare, innovation, and patient outcomes. Madhavbaug is one of the most trusted names in heart blockage treatment without surgery in India.






